अंजना जोशी खेत खलियान $(“.OuterBarModel a”).click(function () {
Crystal Dongargarh संतोष व्यास on नाला निर्माण विवाद में उलझे पार्षद और निगम अफसर। پارسی   Polski   Português   Română   Русский   Español   Slovenský   Slovenščina   Српски   Svenska   ภาษาไทย   Türkçe   Український   Tiếng Việt   
Date-28/8/1977 #Suresh Shrimali contact us:- 0291-2799000, 2646625, 2432625 +91 9314728165(whatsapp) FACEBOOK Gurudev SureshShrimali https://www.facebook.com/sureshshrimaliji Graho Ka khel – https://www.facebook.com/GrahonKaKhel Twitter Gurudev Suresh Shrimali – https://twitter.com/grahonkakhel Web – http://grahonkakhel.co.in/ || हंस योग || जानिए…….. *हंस का अर्थ। *गुरू का महत्व। *केन्द्र के भाव का विवरण यानी केन्द्र में क्यों इंपोटेंस होती है। *प्रसिद्ध लोगों में हंस राजयोग अपने कुंडली- भगवान राम, सम्राट विक्रमादित्य, फिल्म स्टार माधुरी दीक्षित, श्री इंदर कुमार गुजराल (पूर्व प्रधान मंत्री), स्वर्गीय श्री वी.पी. सिंह (पूर्व प्रधान मंत्री), सुश्री जयललिता (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री), प्रियंका गांधी (बेटी) सोनिया गांधी)। *हंस योग को और प्रभावित करने के लिए उपाय।
जन्म काल निर्धारण के द्वारा बालक का जन्म निश्चय ही तेजस्वी और प्रतिभावान संतान के जन्म के रुप में पर…और पढ़ें
contact@astromitram.com रमल (अरबी ज्योतिष) शास्त्र में प्रश्रककर्ता अर्थात याचक की जन्मकुंडली की कदापि आवश्यकता नहीं होती। यहां तक कि प्रश्रकर्ता का नाम, माता-पिता का नाम, घड़ी, दिन, वार, समय और तो और पंचांग की भी आवश्यकता नहीं होती है। प्रश्रकर्ता मात्र रमलाचार्य के पास अपने अभीष्ट प्रश्र के शुभ-अशुभ, लाभ-हानि, अमुक कार्य कब तक, किसके माध्यम से किस प्रकार होगा एवं अन्य तात्कालिक प्रश्र इत्यादि को मन-वचन और आंतरिक भावना से लेकर जाए क्योंकि किसी भी ज्योतिष शास्त्र में श्रद्धा और विश्वास का भाव प्रश्रकर्ता के मन में होना अति आवश्यक है। 
अतः अमिताभ बच्चन का शुभ अंक आठ (8) आया। कैंसर होगा या नहीं, ये बता सकते हैं आपके ग्रह इनके अलावा निम्न बिन्दु भी कैसर रोग की पह्चान के लिये मेरे अनुभव सिद्ध है
$(‘#modal-container’).load(url, function () { ज्योतिष केवल भाग्य जानने का एक आसान ज़रिया नहीं है,  बल्कि ये एक विज्ञान भी है। ज्योतिष का क्षेत्र तो काफी विस्तृत है परंतु अंक शास्त्र का क्षेत्र ज्योतिष की तुलना में सीमित है। अंकों का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। अंक विज्ञान ज्योतिष की ही एक शाखा है। कोई वाहन खरीदते समय हम गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर अपने अनुकूल लेना चाहते है। मकान खरीदते समय, व्यवयास शुरू करते समय या परीक्षाओं में रोल नंबर आदि को हम हमेशा ये देखते है कि वो अंक हमारे अनुकूल है या नहीं। हर जगह हम अंकों में अपना भविष्यफल खोजने लगते हैं। आजकल बड़े-बड़े फिल्मी सितारें, बड़ी सफल हस्तियां भी अंक विज्ञान के प्रभाव से अछूती नहीं है। 
Friendship Day – फ्रेंडशिप डे पर जानें किन राशियों के जातकों में होती है गहरी दोस्ती
वास्तु टिप्स: घर के खिड़की-दरवाजे भी हो सकते हैं कंगाली के कारण जन्म-तिथि विवरण श्री सूक्त का पाठ करें धूप तथा दीप जलायें…
खेल खबर2 months ago व्यूस : 4270 Navagraha Mantras Palmistry & Palm Reading Tips
इस चित्र से जानिए, कैसा है आपका भविष्य  श्रावण मास में शिव के नामों को जपने से जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इसमें श्री … जैन धर्म कथाएं शिक्षा-विषय चयन में ज्योतिष की भूमिका  फ़रवरी 2016
रत्न विज्ञान function updateAndroidMarketLinks() { Guruji, it means i will never do job???
सिंह 5 = 5 होटो पर Kiss करने की ये है असली वजह कन्या राशि $(“#LatitudeDirection”).val(latitude[3]);
कहानी ►  February 2015 (1) कैंसर के बारे में विवरण और विवरण: Email (not published) ‘max-height’: ‘100% !important’ मकर राशि –
astrospeak.com पर तुरंत पाएं अपना राशिफल Virgo सेरेना विलियम्‍स 2018 – स्पोर्ट्समें आगे भी शानदार करियर बनाएगी
WD| ५) किसी आवशयक कार्य पर जाते समय कोई सांप यदि सीधे साथ की ओर रास्ता काट दे तो वह शुभ शकुन माना जाता हैं । ज्योतिष
♏ △ ♓ carrer ज्योतिष की मदद से जन्म समय के आधार पर किसी भी व्यक्ति के भविष्य और स्वभाव की जानकारी मिल सकती है। रात में जन्म लेने वाले और दिन में जन्म लेने वाले लोगों में काफी अंतर होता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार रात में जन्मे लोग ज्यादा जोखिम लेते है वहीं दिन में जन्म लेने वाले लोग काम के प्रति ज्यादा ईमानदार होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानिए दिन में जन्मे और रात में जन्म लेने वालों का स्वभाव कैसा हो सकता है।
Place: Jodhpur (Rajasthan) दक्षिण भारतीय उड़ीसा राज्य का पुरी क्षेत्र जिसे पु… ज्योतिष में पंच महापुरूष योगों का बहुत महत्वपूर्ण … }).addClass(“rippleEffect”);
Spiritual केतु #Suresh Shrimali contact us:- 0291-2799000, 2646625, 2432625 +91 9314728165(whatsapp) FACEBOOK Gurudev Suresh Shrimali – https://www.facebook.com/sureshshrimaliji Graho Ka khel – https://www.facebook.com/GrahonKaKhel Twitter Gurudev Suresh Shrimali – https://twitter.com/grahonkakhel Web – http://grahonkakhel.co.in/ Yogas in Astrology|| कुंडली में Laxmi Yoga _ Malavya yog (मालव्य योग) in Hindi ||Suresh Shrimali || मालव्य योग || मालव्य योग को यदि लक्ष्मी योगों का शिरोमणी कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं। मालव्य योग की प्रशंसा सभी ज्योतिष ग्रन्थों में की गई है। यह योग शुक्र से बनता है तथा शुक्र को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। अतः लक्ष्मी योग के रूप मेें इसकी महता और भी बढ़ जाती है। मालव्य योग पंचमहापुरूष राजयोगों में से एक हैं। यदि लग्न से केन्द्र में वृष, तुला या मीन राशि में शुक्र विराजित हो तो मालव्य योग घटित होता है। पुष्पांजलि जी की कुण्डली में यही योग है। मालव्य योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति भाग्यशाली, धैर्यवान, आकर्षित एवं ऐश्वर्य दायक जीवन जीने वाले, बहुत जिंदादिल, अच्छे से अच्छी गाड़ी, मकान व सभी सांसारिक सुखों को भोगने वाले सुगन्धित द्रव्यों के शौकिन, घूमने के शौकिन, कम प्रयासों के ही जीवन में सारे भोग इन्हें प्राप्त होते है। इस योग वाले लक्ष्मीवान से भी ज्यादा वैभवान होते है। इनके चेहरे पर विलक्षण, सौम्य आभा रहती है। सिनेपटल के राजकपूर की कुण्डली में भी तुला राशि में सुख, वैभव के भाव में विराजित शुक्र मालव्य योग घटित कर विराजित है। अद्वितीय प्रतिभा के धनी राजकपूर ने हिन्दी सिनेमा को नए आयाम दिए। उनके आकर्षक व चुम्बकीय व्यक्तित्व पर मालव्य योग का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। इसके अलावा भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, स्मिता पाटील, तब्बू आदि अनेक प्रसिद्ध हस्तियों की कुण्डली में यह योग घटित हो रहा है। || Yogas in Astrology || लक्ष्मी योग :-https://www.youtube.com/watch?v=bNxYbsItYTk सरस्वती योग:-https://www.youtube.com/watch?v=PaI6JUumPOw नाभि योग:-https://www.youtube.com/watch?v=T_YeHiqOimk लग्नाधि योग:-https://www.youtube.com/watch?v=aIt825oBoZk धेनु योग:-https://www.youtube.com/watch?v=ZRdW-C-ul04 चन्द्राधि योग:-https://www.youtube.com/watch?v=w-tS-TkGU7w कुलदीपक योग:-https://www.youtube.com/watch?v=jjxeAFIfslE गजकेसरी योग:-https://www.youtube.com/watch?v=06Zsx558o0w पदम योग:-https://www.youtube.com/watch?v=l0oJpXdVl2U महाभाग्य योग (पुरुष):-https://www.youtube.com/watch?v=gNoetBJG3ME महाभाग्य योग(स्त्री):-https://www.youtube.com/watch?v=7M7O93o7TQQ
Download our Mobile App संस्मरण हिन्दू कैलेंडर के अनुसार महीनेवार व्रत एवं त्यौहार – महिलाओं के विवाह की पूरी जिम्मेदारी बृहस्पति से ही तय होती है.
online panchanga degreeMinuteSecond.push(((decimalDegree – degreeMinuteSecond[0] – degreeMinuteSecond[1] / 60) * 3600) | 0); अंक इंसानी जिंदगी में अहं भूमिका निभाते हैं। भविष्य की जानकारी देने वाला ज्योतिष शास्त्र तो पूरी तरह अंक-विज्ञान पर ही आधारित है। वैसे तो सारे ही अंक महत्वपूर्ण हैं किन्तु किसी व्यक्ति विशेष के लिये कुछ विशेष कारणों से किसी अंक को ज्यादा तवज्जो दी जाती है। वास्तव में अंकज्योतिष में नौ ग्रहों सूर्य, चन्द्र, गुरू, यूरेनस, बुध, शुक्र, वरूण, शनि और मंगल की विशेषताओं के आधार पर गणना की जाती है। इन में से प्रत्येक ग्रह के लिए 1 से लेकर 9 तक कोई एक अंक निर्धारित किया गया है, जो कि इस बात पर निर्भर करता है कि कौन से ग्रह पर किस अंक का असर होता है। ये नौ ग्रह मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। अंकज्योतिष शास्त्र के अनुसार केवल एक ही नाम व अंक किसी एक व्यक्ति का स्वामी हो सकता है। जातक जीवन में अपने अंकों के प्रभाव के अनुसार ही अवसर व कठिनाइयों का सामना करता है। अंकज्योतिष शास्त्र में कोई भी अंक भाग्यशाली या दुर्भाग्यपूर्ण नहीं हो सकता, जैसे कि अंक-7 को भाग्यशाली व अंक -13 को दुर्भाग्यपूर्ण समझा जाता है। यह संयोगवश उपजी भ्रांतिपूर्ण धारणा है।
लग्नेश लग्नस्थ हो, धनेश धन भाव को देखता हो तथा बुध एवं शुक्र की युती हो और भाग्य स्थान प्रबल हो तो जातक बैंक अधिकारी होता है। अगर गुरु के साथ हो तो जातक अपनी आजीविका अच्छे कार्यों से चलाता है। कारकांश लग्र में शुक्र होने पर जातक राज अधिकारी होता है और जीवन भर सभी प्रकार की सुख-सुविधाओं का उपभोग करता रहता है।
कैंसर / मकर राशि यह मुख की कारक राशि है तथा इसका स्वामी शुक्र है। इसके प्रभावित होने पर व्यक्ति को होने पर मुंह संबंधी बीमारी छाले, तुतलाहट या हकलाना, बोलना में दिक्कत आदि की शिकायत रहती है।
आप पुखराज पहन सकते हैं, आपके लिए शुभ रहेगा| अभी भी ये हैं अभिनेता अभिषेक बच्चन की पसंदीदा एक्ट्रेस Daily Horoscope डाॅ. मनोज कुमार “लाफिंग बुद्धा” को घर पर रखने से होते हैं ये चमत्…
हाथ में रेखाएं, क्रास और अन्य चिह्न व्यक्ति के भाग्य और सफलता के बारे में बहुत कुछ बताती हैं। रेखाओं के उदगग से बताया जा सकता है कि व्यक्ति की उन्नति और भाग्य कैसा होगा। इसके लिए सटीक विश्लेषण और रेखाओं की पूरी स्थिति का ज्ञान होना बेहद जरूरी है। जानिए क्या कहते हैं आपके हाथ—
अन्य देशों की खबरें चिता पर बने इस मंदिर में आज भी होते हैं मांगलिक कार्य जीवनसाथी को स्वास्थ्यगत कष्ट….
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किसी भी घटना से प्राप्त सुख या अनुकूलता के संकेत जन्मकुंडली के अष्टम एवं व्यय भाव से सूचित होते हैं, क्योंकि अष्टम एवं व्यय भाव दुःख व् निराशा, विवशता और हताशा के सूचक हैं। अतः किसी भी घटना के मुख्य एवं सहायक भाव से १२ वां या व्यय भाव घटना के फल में कमी कर देते हैं।
अकबर बीरबल की किस्से Angarak Yoga डर और चिंता Vipreet Raj Yoga मंगल यदि सातवें घर में हो तो जातक विवाहेतर संबंध स्थापित करता है, जिससे उसका वैवाहिक जीवन तनावयुक्त होता है। मंगल यदि आठवें घर में हो तो जातक जीवनसाथी के साथ धोखा करता है। शुक्र व बुध यदि चौथे घर में हों तो जातक के विवाहेतर संबंध बनते हैं। शुक्र यदि चौथे, आठवें या 12वें राशि में हो और मंगल से प्रभावित हो तो भी जातक के अन्यों के साथ संबंध होते हैं। लग्नेश यदि दूसरे घर में अथवा दूसरे घर का स्वामी सातवें या दसवें घर में हो, तो भी जातक के किसी न किसी प्रकार से विवाहेतर संबंध बनते हैं। शुक्र व मंगल व्यक्ति को भौतिकवादी, मनोरंजनप्रिय, शौकीन, आडंबरी और विषयी बनाते हैं। यदि ये दोनों विपरीत दृष्टि दे रहे हों, तो विषय संबंधी कठिनाई और वैवाहिक जीवन में समस्या आती है। शुक्र यदि मंगल व राहु से युति कर रहा हो, तो वह जातक को व्यभिचारी बना देता है। यदि अंतग्र्रस्त नक्षत्र, गुरु, बुध या चंद्र न हो, तो जातक में या जातका कामुकता प्रबल होती है। शुक्र पुरुष की कुंडली और गुरु स्त्री की कुंडली में दांपत्य का कारक है। 
July 6, 2018 at 7:12 am सबसे पहले वर और वधू के मूलांकों का मिलान किया जाता है। जिससे उनके रहन-सहन एवं विचारधारा में सामंजस्य बना रहे। इसके बाद उनके भाग्यांकों का मिलान किया जाता है जिससे उनके मिलन से एक दूसरे की होने वाली भाग्योन्नति का पता चलता है। इसके बाद उनके नामांकों का मिलान किया जाता है जिससे उनके जीवन के सभी क्षेत्रों पर पडने वाले प्रभाव का पता चलता है।
कैंसर से कैसे बचाएगा बृहस्पति का उपाय? आज आपके तन और मन का स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। खर्च की चिंता से मन अशांत रह सकता है। वाणी पर संयम रखना अतिआवश्यक है। घर के अतिरिक्त बाहर का खाना-पीना संभवतः टालें। ऑफिस के स्त्री सहकर्मियों से आपको…
Jagbani Website Sider Number 4 in Numerology केतु एक राशि में लगभग डेढ़ वर्ष तक रहता है। shadi mein deri
6 तरीके अपने 20S में तलाकशुदा हो रही है आप हमेशा के लिए परिवर्तन $(window).unbind(‘scroll’); उज्जैन में ऐसे आए महाकाल, पुजारी ने पुत्र की चिता की चढ़ाई थी भस्म, पढ़ें पूरी कथा
उच्च का बृहस्पति 01 आपकी दो राशियों में कौन सी राशि ज्या दा प्रभावी है…
FAQs Thanks guru ji to kya m gov.construction civil or electric dono ka work shuru kar du ??????Kya construction line shani se related h.
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